हरियाणा की डायरी: साथ समुद्र पार भी अनिल विज के फैन

हरियाणा की डायरी: साथ समुद्र पार भी अनिल विज के फैन

Haryana Diary

Haryana Diary

हरियाणा की डायरी
सचित्र/समादकीय पृष्ठ हेतु

प्रस्तुति: चन्द्र शेखर धरणी
वरिष्ठ स्वतंत्र पत्रकार

साथ समुद्र पार भी अनिल विज के फैन

Haryana Diary: हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज की लोकप्रियता केवल हरियाणा या भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि विदेशों में बसे भारतीय समुदाय के बीच भी उनकी मजबूत पहचान है। इसका ताजा उदाहरण तब देखने को मिला जब ऑस्ट्रेलिया में हरियाणा व्यापारियों के संगठन के उपाध्यक्ष अमरदीप सिंह मलिक विशेष रूप से हरियाणा पहुंचकर अनिल विज से मिले और उनके प्रति अपनी श्रद्धा एवं सम्मान व्यक्त किया।
अमरदीप मलिक ने कहा कि वे पिछले तीन-चार वर्षों से लगातार अनिल विज की गतिविधियों को सोशल मीडिया के माध्यम से फॉलो कर रहे हैं। फेसबुक सहित विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर विज के विचार, कार्यशैली और जनता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया है।
अमरदीप मलिक ने बताया कि कुछ वर्ष पूर्व ऑस्ट्रेलिया में आयोजित गीता जयंती महोत्सव के दौरान उनकी पहली बार अनिल विज के व्यक्तित्व से निकटता बनी। यह आयोजन गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया था, जिसमें अनिल विज भी शामिल हुए थे।
मलिक के अनुसार उस कार्यक्रम में विज के विचारों, उनकी स्पष्टवादिता और निष्पक्ष सोच ने वहां मौजूद भारतीय समुदाय पर गहरी छाप छोड़ी थी। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले अनेक भारतीय उस समय से ही अनिल विज के प्रशंसक बन गए और आज भी उनके सार्वजनिक जीवन को बड़ी रुचि से देखते हैं।अमरदीप मलिक ने कहा कि वर्तमान राजनीति में जहां अधिकांश नेता संतुलित और सीमित बयान देने का प्रयास करते हैं, वहीं अनिल विज अपनी बेबाकी और स्वतंत्र सोच के लिए पहचाने जाते हैं। वे जो सोचते हैं, उसे खुलकर जनता के सामने रखते हैं।उन्होंने कहा कि यही गुण उन्हें अन्य नेताओं से अलग बनाता है और लोगों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत करता है। ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय भी उनके इसी स्पष्ट और निर्भीक व्यक्तित्व की सराहना करते हैं।

शहीद स्मारक को अनिल विज ने बताया जीवन का सपना

अंबाला छावनी में बन रहे भव्य शहीद स्मारक को लेकर हरियाणा के केबिनेट मंत्री अनिल विज भावुक नजर आए। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए उन्होंने तीन दशक से अधिक समय तक संघर्ष किया। उनके अथक प्रयासों के बाद 22 एकड़ भूमि पर लगभग 700 करोड़ रुपये की लागत से देश के सबसे भव्य शहीद स्मारकों में से एक का निर्माण संभव हो सका।उन्होंने कहा कि यह स्मारक केवल एक भवन नहीं बल्कि देश के वीर सपूतों के त्याग, बलिदान और राष्ट्रभक्ति का जीवंत प्रतीक होगा। विज ने उम्मीद जताई कि जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसके उद्घाटन के लिए अंबाला आएंगे।अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए अनिल विज ने कहा कि छात्र जीवन से ही वे संगठन से जुड़े रहे हैं। उन्होंने बताया कि राजनीति में आने की उनकी कोई व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा नहीं थी। वे वर्षों तक बैंकिंग क्षेत्र में कार्यरत रहे, लेकिन संगठन के आग्रह पर राजनीति में आए और पहली बार विधायक बने।उन्होंने कहा कि जनता के विश्वास ने उन्हें लगातार आगे बढ़ाया। चुनावी जीत और हार दोनों को उन्होंने लोकतंत्र का हिस्सा माना, लेकिन जनता से उनका रिश्ता कभी कमजोर नहीं हुआ। आज सात बार विधायक चुने जाने को उन्होंने जनता के प्रेम और विश्वास का परिणाम बताया।

हरियाणा में जल्द लागू होगा पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0

 हरियाणा सरकार ने राजस्व क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन को तेज करते हुए राज्यभर में राजस्व अधिकारियों के लिए व्यापक क्षमता निर्माण कार्यक्रम शुरू किया है तथा लंबित सीमांकन मामलों के निपटान के लिए विशेष अभियान चलाया है। साथ ही पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 के क्रियान्वयन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। सुचारू परिवर्तन सुनिश्चित करने के लिए पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 1.0 से 2.0 में माइग्रेशन जिला-वार किया जाएगा, ताकि सेवाएं निर्बाध रूप से जारी रहें और नागरिकों को न्यूनतम असुविधा हो।राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त डॉ.सुमिता मिश्रा ने रविवार को चंडीगढ़ में बताया कि पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 को एक उन्नत डिजिटल ढांचे के रूप में विकसित किया गया है। यह प्लेटफॉर्म ऑनलाइन आवेदन जमा करने, दस्तावेज अपलोड करने, आधार आधारित प्रमाणीकरण, ई-हस्ताक्षर, ऑनलाइन शुल्क भुगतान, रियल टाइम सत्यापन, सुरक्षित डेटा भंडारण तथा स्वचालित कार्यप्रवाह प्रबंधन जैसी सुविधाएं प्रदान करेगा।यह प्रणाली नागरिकों की सरकारी कार्यालयों में बार-बार जाने की आवश्यकता को काफी हद तक कम करेगी, मैनुअल हस्तक्षेप को न्यूनतम करेगी, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाएगी तथा सेवाओं की त्वरित डिलीवरी सुनिश्चित करेगी। उन्होंने बताया कि इस नई प्रणाली के सुचारू क्रियान्वयन के लिए विभाग द्वारा सभी परिचालन मॉड्यूलों से संबंधित विस्तृत मानक संचालन प्रक्रियाएं (एसओपी) तथा उपयोगकर्ता पुस्तिकाएं तैयार की गई हैं।

मोदी के भरोसेमंद  मनोहर लाल अब पंजाब मिशन पर

पंजाब विधानसभा चुनावों की आहट के साथ ही भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सबसे विश्वस्त और अनुभवी टीम के अहम सदस्य केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने भी पंजाब में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि संगठनात्मक क्षमता, प्रशासनिक अनुभव और साफ-सुथरी छवि के कारण भाजपा नेतृत्व पंजाब में मनोहर लाल की भूमिका को विशेष महत्व दे रहा है।हरियाणा में लगातार साढ़े नौ वर्षों तक मुख्यमंत्री के रूप में सफल कार्यकाल पूरा करने वाले मनोहर लाल वर्तमान में केंद्र सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने प्रशासनिक सुधारों, पारदर्शिता, ई-गवर्नेंस और बिना पर्ची-बिना खर्ची सरकारी नौकरियों की व्यवस्था को नई पहचान दी। यही कारण है कि आज भी हरियाणा के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों में उनकी कार्यशैली को सुशासन के मॉडल के रूप में देखा जाता है।पंजाब में भाजपा के विस्तार अभियान के बीच मनोहर लाल की बढ़ती सक्रियता को विशेष रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। अमृतसर में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर जनकल्याण, सुशासन और राष्ट्र निर्माण की उपलब्धियों को विस्तार से रखा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने पिछले 12 वर्षों में विकास के अनेक नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।

रैलियों पर रोक के खिलाफ  अभय चौटाला 

 पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने के नाम पर हरियाणा में धरने-प्रदर्शन और राजनीतिक रैलियों पर लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने मोर्चा खोल दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने सरकार के इस फैसले को लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला बताते हुए कहा कि जनता की आवाज दबाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।सोमवार को पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अभय चौटाला ने कहा कि 25 सितंबर को पूर्व उपप्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल की जयंती पर इनेलो विशाल रैली आयोजित करेगी। उन्होंने चुनौतीपूर्ण अंदाज में कहा कि यदि किसी में हिम्मत है तो उस रैली को रोककर दिखाए। तब जनता को भी पता चल जाएगा कि लोकतंत्र की असली ताकत क्या होती है।चौटाला ने किसानों और व्यापारियों को 200 लीटर से अधिक डीजल नहीं देने के फैसले पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ऐसे निर्णय जमीनी हकीकत से दूर हैं और किसानों व कारोबारियों के कामकाज को प्रभावित करेंगे। उन्होंने सोने की खरीद को लेकर सरकारी सोच पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि भारतीय समाज में बेटी की शादी और पारिवारिक परंपराओं का विशेष महत्व है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

आम जनता खातर सरकार का बड़ा फैसला

हरियाणा सरकार नै आम जनता खातर बड़ा फैसला लिया सै। अब हथियार लाइसेंस, पेट्रोल पंप एनओसी, किरायेदार वेरिफिकेशन, पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट समेत गृह विभाग की 33 सेवाएं तय समय सीमा के अंदर देणी होंगी। सरकार नै इन सेवाओं नै हरियाणा राइट टू सर्विस एक्ट 2014 के तहत शामिल कर दिया सै, जिस तै लोगों नै सरकारी दफ्तरां के चक्कर काटण तै राहत मिलेगी। अब अगर हथियार लाइसेंस उसी जिले म्हं रिन्यू कराया जा रह्या सै अर उसकी अवधि खत्म ना हुई सै, तै 15 दिन के अंदर नवीनीकरण हो जाएगा। छह साल के चक्र के बाद पुलिस वेरिफिकेशन जरूरी होने पर ये प्रक्रिया 22 दिन के अंदर पूरी करनी होगी। हथियार जोड़ण-हटाण या हथियार खरीदण की अवधि बढ़ाण जैसे काम 7 दिन के अंदर निपटाए जाएंगे।

एफआईआर या डीडीआर की कॉपी अब तुरंत या ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएगी। विदेशियों का आगमन-प्रस्थान पंजीकरण भी तत्काल किया जाएगा। लाउडस्पीकर की अनुमति, मेले-प्रदर्शनी के एनओसी, विदेशी नागरिक सत्यापन, पुराने वाहन की एनओसी जैसी सेवाएं 5 दिन के अंदर देणी होंगी। घरेलू नौकर, किरायेदार, कर्मचारी सत्यापन, चरित्र प्रमाण-पत्र, पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट जैसी सेवाओं की समय सीमा 21 दिन तय की गई सै। पेट्रोल पंप, सिनेमा हॉल और अन्य संस्थान स्थापित करन खातर एनओसी 15 दिन में जारी होगी। सिनेमा लाइसेंस 30 दिन में बनेगा और 25 दिन में रिन्यू होगा। आतिशबाजी भंडारण, बिक्री लाइसेंस, गोदाम एनओसी और पेट्रोलियम भंडारण संबंधी मंजूरियां 30 दिन में दी जाएंगी। निजी सुरक्षा एजेंसी सत्यापन और ऑनलाइन शिकायतों का निपटारा 60 दिन में करना होगा। सरकार का कहना सै कि इस नई व्यवस्था तै पारदर्शिता बढ़ेगी, भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी अर लोगों नै समय पर सरकारी सेवाएं मिल सकेंगी। अब अगर कोई विभाग तय समय पर काम ना करे, तै नागरिक संबंधित शिकायत निवारण अधिकारी के पास अपील कर सकेंगे।

इब हरियाणा में खेती-किसानी होगी डिजिटल !

हरियाणा के किसानों खातर बड़ी खुशखबरी सै। अब जमीन की जानकारी, खेत का रिकॉर्ड अर खेती से जुड़ी जरूरी डिटेल मोबाइल पर ही देखी जा सकेंगी। प्रदेश सरकार ने एग्रीस्टैक योजना के तहत खेती-किसानी नै पूरी तरह डिजिटल बनाण की दिशा म्हं बड़ा कदम उठाया सै। सरकार के मुताबिक हरियाणा में करीब 1.75 करोड़ कृषि भूखंडों की जियो-रेफरेंसिंग पूरी कर ली गई सै। इसके अलावा प्रदेश के लगभग 96 फीसदी गांवां का डिजिटल मैप भी तैयार हो चुका सै। अब किसान अपने खेत, जमीन की सीमा अर रिकॉर्ड संबंधी जानकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आसानी तै हासिल कर सकेंगे। एग्रीस्टैक योजना के तहत अब तक 11.58 लाख तै ज्यादा किसानों का पंजीकरण हो चुका सै, जबकि 8.32 लाख किसानों की किसान आईडी भी तैयार कर दी गई सै। सरकार का दावा सै कि बाकी बचे गांव भी अगले दो महीने के अंदर इस योजना के दायरे में आ जाएंगे। इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा ये होगा कि जमीन, फसल अर किसान से जुड़ा सारा रिकॉर्ड एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगा। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी अर बार-बार कागज जमा कराण की जरूरत भी कम पड़ेगी। प्रदेश के कुल 7100 गांवां में तै 6808 गांवों की जियो-रेफरेंसिंग पूरी हो चुकी सै, जो करीब 95.89 प्रतिशत कवरेज बनता सै। डिजिटल मैपिंग के आधार पर आगे चलकै डिजिटल फसल सर्वेक्षण अर प्रमाणित किसान रजिस्ट्री भी तैयार की जाएगी। सरकार का मानणा सै कि एग्रीस्टैक सिस्टम लागू होण के बाद किसानां नै सरकारी सब्सिडी, मुआवजा, फसल योजनाएं अर दूसरी सुविधाएं जल्दी मिल सकेंगी। साथ ही योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी अर असली हकदार किसान तक लाभ सीधे पहुंच सकेगा। यानि अब किसानां नै अपनी जमीन की जानकारी खातर बार-बार दफ्तरां के चक्कर काटण की बजाय मोबाइल पर ही पूरी डिटेल मिलण का रास्ता साफ हो रह्या सै।

हरियाणा में एनसीआर को लेकर बड़ा फैसला

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानि एनसीआर में शामिल हरियाणा के दायरे में कोई बदलाव नहीं होगा। हालांकि सूबे की सरकार और उसके बड़े साहब कुछ इलाकों को एनसीआर से बाहर करवाना चाहते थे। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने साफ कर दिया सै कि फिलहाल एनसीआर के दायरे में कोई बदलाव नहीं होगा। यानी हरियाणा के जो जिले फिलहाल एनसीआर में शामिल सैं, वे आगे भी एनसीआर का हिस्सा बने रहेंगे। इस मुद्दे पर लंबे समय तै चल रही अटकलों पर अब विराम लग गया सै। मुख्यमंत्री ने बताया कि रीजनल प्लान-2041 को अंतिम रूप देने के लिए केंद्र, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों की एक सब-कमेटी बनाई गई सै। यह कमेटी 15 अगस्त 2026 तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। साथ ही चार नए ग्रीनफील्ड शहर विकसित करने का फैसला हुआ। इन आधुनिक शहरों को "नमो सिटी" के नाम तै विकसित किए जाने की योजना सै। हर सदस्य राज्य एक-एक नए ग्रीनफील्ड शहर का प्रस्ताव देगा। इन शहरों को आधुनिक सुविधाओं, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर विकास मॉडल के आधार पर बसाया जाएगा। इसके अलावा आरआरटीएस (रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम) परियोजनाओं को भी तेजी तै आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। सरकार का मानना सै कि इससे दिल्ली-एनसीआर के शहरों के बीच सफर आसान होगा और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि इन फैसलों तै दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र का संतुलित और मजबूत विकास सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार एनसीआर के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही सै और आरआरटीएस व ग्रीनफील्ड सिटी परियोजनाओं को तेजी तै आगे बढ़ाया जाएगा।

एविएशन हब बनने की राह पर हरियाणा

हरियाणा अब एविएशन सेक्टर म्हं नई उड़ान भरन की तैयारी कर रह्या सै। प्रदेश सरकार हवाई कनेक्टिविटी, पायलट ट्रेनिंग अर विमान रखरखाव के क्षेत्र म्हं तेजी तै काम कर री सै। इसी कड़ी म्हं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भिवानी की गुजरानी हवाई पट्टी पर करीब 31 करोड़ रुपये की लागत तै बने चौधरी बंसीलाल सिविल एयरोड्रम के नए हैंगर, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) भवन, सुरक्षा चौकी अर कैंटीन का हाल ही में उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा विमानन क्षेत्र म्हं लगातार नई ऊंचाइयां छू रह्या सै। हिसार एयरपोर्ट तै चंडीगढ़ अर जयपुर के अलावा जल्द ही जम्मू, अहमदाबाद अर दिल्ली खातर भी सीधी हवाई सेवाएं शुरू होंगी। इससे प्रदेश की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। भिवानी के चौधरी बंसीलाल सिविल एयरोड्रम पर बने नए हैंगर अर एटीसी भवन तै हेलीकॉप्टर और विमानों का सुरक्षित संचालन आसान होगा। साथ ही विमानों के रखरखाव और तकनीकी कार्यों को भी नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस एयरोड्रम पर अब तक 120 पायलट अपनी ट्रेनिंग पूरी कर चुके सैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय म्हं यहां फ्लाइट ट्रेनिंग का काम और तेज होगा तथा देश नै कुशल पायलट मिलेंगे। नायब सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत हरियाणा हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र म्हं तेजी तै आगे बढ़ रह्या सै। हिसार एयरपोर्ट पर पैसेंजर टर्मिनल और कार्गो टर्मिनल का निर्माण भी तेज गति तै चल रह्या सै, जिसे 2027 तक पूरा कर आधुनिक एयरपोर्ट के रूप म्हं विकसित किया जाएगा। इस मौके पै मुख्यमंत्री ने एक और बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि हिसार नै एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल) हब के तौर पर विकसित किया जाएगा। इससे विमानों की मरम्मत, रखरखाव और तकनीकी सेवाएं प्रदेश में ही उपलब्ध होंगी। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और विमानन क्षेत्र में विदेशों पर निर्भरता भी कम होगी। कुल मिलाकर, हरियाणा अब केवल सड़क और उद्योग का ही नहीं, बल्कि विमानन क्षेत्र का भी बड़ा केंद्र बनण की दिशा म्हं तेजी तै कदम बढ़ा रह्या सै।

पंजाब चुनाव पर हरियाणा सरकार के ‘सरदार’ का बड़ा ऐलान !

एक लंबे टैम से हरियाणा की गेल पंजाब की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहे हरियाणा सरकार के बड़े साहब यानि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 2027 में पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर स्थिति साफ कर दी है। दअसरल, हाल ही में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर बड़ा राजनीतिक बयान दिया सै। कपूरथला दौरे के दौरान उन्होंने साफ कर दिया कि भारतीय जनता पार्टी पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव अपने दम पर लड़ेगी और किसी गठबंधन के सहारे नहीं जाएगी। कपूरथला स्थित माता भद्रकाली मंदिर में माथा टेकण के बाद पत्रकारों तै बातचीत करते हुए नायब सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश लगातार तरक्की कर रह्या सै और पंजाब की जनता भी अब विकास आधारित राजनीति चाहवे सै। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के लोग बदलाव का मन बना चुके सैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस दोनों ने पंजाब नै कमजोर करन का काम किया सै। दोनों पार्टियां केवल आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति कर रही सैं, जबकि भाजपा विकास और सुशासन के एजेंडे पर काम कर रही सै। नायब सैनी ने पंजाब की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नशा, अपराध और गुंडागर्दी बढ़ रही सै, जबकि उद्योगपति भी पंजाब छोड़कर दूसरे राज्यों की तरफ रुख कर रहे सैं। उन्होंने इसे चिंता का विषय बताते हुए कहा कि पंजाब नै मजबूत नेतृत्व और ठोस नीतियों की जरूरत सै। उन्होंने कहा कि केवल भाषण और मंचीय प्रस्तुतियों तै विकास नहीं हो सकता। पंजाब नै जमीनी स्तर पर काम करन वाली सरकार की जरूरत सै। हरियाणा के मुख्यमंत्री की इस घोषणा को लेकर पंजाब के साथ-साथ हरियाणा की राजनीतिक चौपालों पर भी खूब चर्चा हो रही है। 

हरियाणा के श्रमिकां खातर खुशखबरी

हरियाणा सरकार नै निर्माण श्रमिकां के हित म्हं बड़ा फैसला लिया सै। अब प्रदेश के पात्र मजदूरां नै सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेण खातर फिर तै रजिस्ट्रेशन करवाण का मौका मिलेगा। श्रम मंत्री अनिल विज ने बताया कि लंबे समय तै बंद पड़ा श्रमिक पंजीकरण पोर्टल दोबारा शुरू कर दिया गया सै। अनिल विज ने कहा कि सरकार का मकसद साफ सै कि श्रमिक कल्याण योजनाओं का फायदा केवल असली अर पात्र मजदूरां तक पहुंचे। इसी कारण पहले मिली शिकायतां अर अनियमितताओं की जांच करन के बाद अब ज्यादा मजबूत अर पारदर्शी व्यवस्था के साथ पंजीकरण प्रक्रिया दोबारा शुरू की गई सै। श्रम मंत्री के अनुसार नए निर्माण श्रमिक अब ऑनलाइन पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवा सकेंगे। साथ ही जिन श्रमिकां की सदस्यता सत्यापन प्रक्रिया दौरान सही पाई गई थी, उनका नवीनीकरण भी शुरू कर दिया गया सै। विज ने कहा कि सरकार ने केवल नए रजिस्ट्रेशन ही ना खोले, बल्कि उन श्रमिकां खातर भी व्यवस्था बनाई सै जिनके पंजीकरण जांच के दौरान अमान्य या अपात्र पाए गए थे। ऐसे मामलों की सुनवाई खातर क्षेत्रीय अधिकारियों की शिकायत निवारण समिति गठित की गई सै। श्रमिक अपने दस्तावेज अर पक्ष समिति के सामने रख सकेंगे, जिस पर निष्पक्ष फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मजदूर प्रदेश के विकास की असली ताकत सैं। सड़क, भवन, पुल अर दूसरी विकास परियोजनाओं की नींव इन्हीं के पसीने पर टिकी सै। इसलिए उनकी सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक सहायता अर कल्याण सरकार की प्राथमिकता सै। श्रम मंत्री ने भरोसा दिलाया कि आगे चलकै पूरी प्रक्रिया तकनीक आधारित, पारदर्शी अर सत्यापन मानकों के अनुसार चलाई जाएगी ताकि फर्जीवाड़े की कोई गुंजाइश ना रहे। इससे पात्र श्रमिकां नै बिना किसी रुकावट के योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। उन्होंने सभी निर्माण श्रमिकां तै अपील करी कि वे जरूरी दस्तावेजों के साथ अपना पंजीकरण या नवीनीकरण जरूर करवाएं और सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का फायदा उठाएं। सरकार का कहना सै कि लक्ष्य एकदम साफ सै—कोई भी असली और पात्र श्रमिक सरकारी योजनाओं के लाभ तै वंचित ना रहै, अर हर योजना का फायदा सही आदमी तक पहुंचे।

हरियाणा में रैली-रोड शो पर ब्रेक

हरियाणा सरकार नै सितंबर महीने तक प्रदेश भर में रैलियां, गाड़ियों के जुलूस अर रोड शो पर रोक लगा दी सै। सरकार ने जिला प्रशासन अर पुलिस अधिकारियों नै साफ निर्देश दिए सैं कि इस अवधि के दौरान ऐसे कार्यक्रमां की अनुमति ना दी जाए। यह फैसला ऐसे समय पर आया सै जब प्रदेश में विभिन्न मुद्द्यां नै लेकै राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही सैं। हरियाणा में खर्चों में कटौती अर ईंधन बचत के लिए कई बड़े कदम उठाए गए सैं। सरकार का कहना सै कि बढ़ते खर्चों को नियंत्रित करणा अर संसाधनां का बेहतर इस्तेमाल करना इस पहल का मुख्य उद्देश्य सै। नई व्यवस्था के तहत सितंबर 2026 तक सरकारी कर्मचारियों, बोर्डों, निगमों अर स्थानीय निकायों के कर्मचारियों की विदेश यात्राओं पर भी रोक लगा दी गई सै। चाहे यात्रा सरकारी काम खातर हो या निजी कारणां तै, बिना विशेष अनुमति कोई विदेश दौरा मंजूर नहीं होगा। सरकार ने विभागां नै सरकारी वाहनों का इस्तेमाल कम करन, अनावश्यक यात्राओं तै बचण और ईंधन की खपत घटाण के निर्देश भी दिए सैं। साथ ही विज्ञापन और प्रचार-प्रसार पर होने वाले खर्चों को भी सीमित करने को कहा गया सै। सरकार का मानणा सै कि इससे ना केवल खर्च कम होगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी। राजनीतिक हलक्यां में इस फैसले की खूब चर्चा हो रही सै, क्योंकि रैलियों और रोड शो पर रोक का असर विभिन्न दलों की जनसभाओं और प्रचार गतिविधियों पर भी पड़ सकता सै। हालांकि सरकार का कहना सै कि यह फैसला पूरी तरह किफायत, संसाधन बचत और प्रशासनिक सुधारों के मद्देनजर लिया गया सै। कुल मिलाकर, अगले कुछ महीनों तक हरियाणा में बड़े जुलूस, रोड शो और रैलियां नजर नहीं आएंगी, जबकि सरकारी तंत्र भी खर्च घटाण और ईंधन बचत के मिशन पर काम करता दिखाई देगा।

अफसरों के विदेश दौरे पर ब्रेक

हरियाणा सरकार ने खर्चों पर लगाम कसण की दिशा में बड़ा कदम उठाया सै। प्रदेश सरकार ने सितंबर 2026 तक सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के विदेशी दौरों पर रोक लगा दी सै। इस फैसले के बाद अब विदेश यात्रा खातर रखे गए करोड़ों रुपये के बजट में भी कटौती की तैयारी शुरू हो गई सै। इस साल सरकार ने अफसरों के विदेशी दौरों खातर 6 करोड़ 90 लाख रुपये का बजट रखा था, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 175 प्रतिशत ज्यादा था। पिछले वित्त वर्ष में विदेश यात्राओं पर केवल ढाई करोड़ रुपये का प्रावधान था। अब सरकार इस बजट नै आधा या इससे भी कम करन पर विचार कर रही सै। सरकार की ओर से अफसरों की  विदेश यात्राओं पर रोक लागू कर दी गई सै। सरकार का कहना सै कि मौजूदा परिस्थितियों में खर्चों को नियंत्रित करणा जरूरी सै। केवल मेडिकल इमरजेंसी के मामलों में ही विदेश यात्रा की अनुमति दी जाएगी। वित्त विभाग के अनुसार सबसे बड़ा बजट मुख्य सचिवालय खातर रखा गया था, जिसके लिए 4 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए। वहीं सिंचाई विभाग खातर ढाई करोड़ रुपये और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रिकी विभाग खातर 30 लाख रुपये का प्रावधान किया गया था। कृषि, पशुपालन, सहकारिता समेत अन्य विभागां खातर भी अलग-अलग राशि तय की गई थी। सरकार ने केवल विदेश यात्राओं पर ही नहीं, बल्कि सरकारी गाड़ियों के खर्च पर भी कैंची चलाने का फैसला लिया सै। वित्त विभाग के मुताबिक मंत्रियों की गाड़ियों के तेल खातर करीब 6 करोड़ रुपये और अफसरों की गाड़ियों खातर 4 करोड़ 20 लाख रुपये का बजट रखा गया था। अब सरकार ने सितंबर 2026 तक सभी विभागों के पेट्रोलियम खर्च में 20 प्रतिशत कटौती का लक्ष्य तय कर दिया सै। हर विभाग नै हर महीने रिपोर्ट देणी होगी कि वाहन उपयोग में कम से कम 10 प्रतिशत की कमी कैसे लाई गई। सरकार ईंधन बचत और खर्च नियंत्रण की निगरानी खातर एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल भी विकसित कर रही सै। इस पोर्टल पर विभागों की बचत और अनुपालन की रिपोर्ट दर्ज होगी। सरकार पहले ही विदेश यात्राओं को लेकर नई नीति लागू कर चुकी सै। इसके तहत किसी भी अधिकारी नै एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम एक सरकारी और एक निजी विदेश यात्रा की ही अनुमति मिलेगी। यदि कोई अधिकारी अपने खर्चे पर विदेश जाना चाहता सै, तो उसे भी साल में केवल एक बार ही मंजूरी मिल सकेगी। सरकार का मानणा सै कि इन फैसलों तै करोड़ों रुपये की बचत होगी और सरकारी खर्चों में अनुशासन आएगा। साथ ही ईंधन बचत और संसाधनों के बेहतर उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।

प्रस्तुतिः-चंद्रशेखर धरणी